Disaster Management Plan

 

 

 

 

 

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भोपाल जिला संकट स्थिति समू

 

 

 

 

रसायन दुर्घटना (आपात योजना,तैयारी/और अनुक्रिया) नियम,1996 के नियम-8 के अंतर्गत ऐसे जिले जिनमें व्यापक दुर्घटना परिसंकट संस्थापन (Major accident hazard units)स्थित है,में जिला संकट स्थिति समूह का गठन किया गया है।समूह का संगठन कृत्य का उल्लेख रसायन दुर्घटना आपात योजना,तैयारी/और अनुक्रिया नियम,1996 मे किया गया है।   कारखाना अधिनियम,1948 की धारा 40-बी के अंतर्गत इन सभी कारखाने में विनिर्माणी प्रक्रिया से जुडे़ खतरो से बचाव के लिये स्थल आपात योजना (On Site emergency plan) बनाया जाना अनिवार्य है। आपात स्थिति से होने वाली हानि को नियंत्रित करने तीनमुख् तरीकें है :-1-   PREPARDNESS   2-  RESPONSE   3-  MITIGATION  स्थल आपात योजना उपरोक्त के प्रथम चरण (PREPARDNESS)का भाग है। जिससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (RESPONSE) की जा सकें तथा आपात स्थिति को MITIGATE किया जा सके।
   
उल्लेखित सूची के कारखानों के प्रबंधन द्वारा स्थल आपात योजनाऍ बनाई गई है। कारखाना प्रबंधन द्वारा समय-समय पर इन योजनाओ की मॉकड्रिल भी की जाती है। जिससे आपात स्थिति होने पर उस पर काबू पाया जा सके तथा संभावित हानि को कम/रोका जा सकें PREPARDNESS की कार्यवाही के अंतर्गत ही भोपाल जिला संकट स्थिति समूह भी गठित किया गया है। जिसकी समय-समय पर बैठक कर आपात स्थिति से उत्पन्न होने वाली स्थिति में बचाव की तैयारी के सबंध में समीक्षा की जाती है।
                                 रसायन दुर्घटना (आपात योजना,तैयारी/और अनुक्रिया) नियम,1996 के नियम-9 के अंतर्गत ऐसे जिले जिनमें व्यापक दुर्घटना परिसंकट संस्थापन (Major accident hazard units)स्थित है,में off site emergency plan बनाया जाता है। भोपाल जिले का पुनरीक्षित off site emergency plan बनाया गया है।जिस पर जन साधारण के सुझाव आमंत्रित है।उपरोक्त सुझाव मेल आइ डी jdihsbhopal@gmail.com पर  31 अक्‍टूबर के भीतर प्रेषित
रें।

   भोपाल जिले में खतरनाक श्रेणी के 32 कारखाने है,(नाम,विर्निमाणी प्रक्रिया तथा श्रेणी की जानकारी)